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शनि चंद्र विष योग पूजा

परिचय वैदिक ज्योतिष में बताया गया है कि यदि किसी जातक की कुंडली में शनि और चंद्रमा एक ही भाव में मौजूद होते हैं या फिर किसी जातक की कुंडली में चंद्रमा पर शनि की पूरी या आंशिक दृष्टि होती है, तो इसे विष योग कहा जाता है। विष का शाब्दिक अर्थ जहर होता है और चंद्रमा मन के लिए प्रयुक्त होता है। इसलिए शनि चंद्र विष योग जब किसी जातक की जन्मकुंडली में मौजूद होता है, तो यह नकारात्मक और अवसाद से भरे हुए विचारों को खूब जन्म देता है। ऐसे जातकों को हमेशा न केवल अपने मानसिक स्वास्थ्य, बल्कि अपने रिश्तों से संबंधित समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। इसके अलावा उनके पास धन की भी किल्लत हो जाती है। हालांकि, शनि चंद्र विष योग ग्रहों की स्थिति और इनके संयोजन की दृष्टि के आधार पर अलग-अलग तरीके से अपना प्रभाव छोड़ सकता है। शनि चंद्र विष योग निवारण पूजा करवाना इस दोष के बुरे प्रभावों को खत्म करने का सबसे प्रभावी वैदिक तरीका माना गया है।
हमारे द्वारा ही ऑनलाइन पूजा क्यों बुक करें:
  • यह पूजा हमारे वैदिक पुजारी द्वारा वैदिक मानकों और प्रक्रियाओं के अनुसार व्यक्तिगत रूप से की जाती है।
  • हमारे पंडित एक समय में केवल एक ही पूजा करते हैं। इस पूजा को अपने उद्देश्य पूरा करने और इसे व्यक्तिगत बनाने के लिए आपको संकल्प भी दिलाया जाता।
  • इस पूजा में सकारात्मक ऊर्जा अधिक मात्रा में पैदा हो, इसलिए उच्च गुणवत्ता वाली पूजा सामग्री का उपयोग किया जाता है।
  • हमारे वैदिक पुजारियों द्वारा गूगल मीट के माध्यम से की जाने वाली लाइव पूजा में लगभग सभी लोग ऑनलाइन भाग लेते हैं।
  • गणेशास्पीक्स टीम शुभ समय और प्रामाणिकता की गारंटी के साथ पारदर्शी ऑनलाइन पूजा का आयोजन करवाती है।

$959.00

यह पूजा कैसे होती है

  • जब हम शनि चंद्र विष योग पूजा करते हैं, तो इसमें कलश के साथ अन्य पांच महत्वपूर्ण देवी-देवताओं गणेश, भगवान शिव, मातृका, नौ ग्रह और प्रधान देवता की प्रमुखता से पूजा की जाती है। पूजा के दौरान शनि (23000 बार) और चंद्रमा (11000 बार) बीज मंत्र का जाप या पाठ किया जाता है। इसके बाद होम (हवन) अनुष्ठान होता है, जिसमें कि बृहस्पति और केतु से संबंधित घी, सीसम, जौ और अन्य पवित्र सामग्री शनि के 2300 मंत्रों और चंद्रमा के 1700 मंत्रों का पाठ करते हुए अग्नि को समर्पित की जाएगी। आपकी कुंडली में जो विष योग के बुरे प्रभाव बार-बार देखने को मिल रहे हैं, उन्हें खत्म करने के लिए यज्ञ यानी कि होम कराना एक बड़ा ही महत्वपूर्ण समाधान है। अधिकतम सकारात्मक परिणाम यदि आप अर्जित करना चाहते हैं, तो इसके लिए सबसे उत्तम नजदीकी मुहूर्त यानी कि चंद्रमा या सोमवार के नक्षत्र में यह पूजा की जाएगी। इस मुहूर्त के दौरान इस पूजा को करवाने के लिए GaneshaSpeaks की तरफ से वैदिक अनुष्ठान कराने में पारंगत एक आचार्य की अगुवाई में चार से पांच पुजारियों की एक टीम बनाई जाएगी।

शनि चंद्र विष योग पूजा करने से आपको निम्नलिखित लाभ प्राप्त हो सकते हैं:

  • विष योग के नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं।

  • नकारात्मक और अवसाद वाली सोच से बचाव करता है

  • सकारात्मक और आशावादी दृष्टिकोण के साथ जिंदगी में आप आगे बढ़ते हैं।

  • कॅरियर और व्यापार में स्थिरता आती है।

  • संपत्ति और धन-दौलत से जुड़े मुद्दे सुलझ जाते हैं।

  • रिश्ते और वैवाहिक जीवन में शांति और खुशहाली आती है।

Ganeshaspeaks की गारंटी

  • हवन के साथ शनि-चंद्र मंत्र का पाठ करना विष योग शांति पूजा कराने के लिए बड़ा ही महत्वपूर्ण होता है। यही वजह है कि इसे ऐसे वैदिक पुजारियों द्वारा ही करवाना चाहिए, जो कि वैदिक शास्त्रों में पूरी तरह से पारंगत हैं। GaneshaSpeaks की तरफ से वैदिक प्रक्रिया के अनुसार और भजनों के साथ इस पूजा को कराने का सबसे प्रमाणिक तरीका तैयार किया गया है। इसके अलावा सबसे अच्छी तरह से जानकारी रखने वाले संस्कृत के प्रकांड विद्वानों द्वारा ही यह पूजा की जाएगी।

  • यह सुनिश्चित करने के लिए कि यह ठीक उसी तरह किया जाए जैसा कि होना चाहिए, ganeshaspeaks ने इस उद्देश्य के लिए पंडितों की एक समर्पित टीम बनाई है। इस टीम का नेतृत्व एक बहुत वरिष्ठ पंडित करते हैं जो "आचार्य" या पूजा के प्रमुख की भूमिका निभाते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सकें कि यह विधि वेदों के अनुसार सम्पन्न हुई हों।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

  • पूजा निम्न प्रकार से की जाएगी:-
  • आचार्य सभी पूजाओं का विवरण प्राप्त करेंगे और आपकी पूजा किसी विशेष पंडितजी को सौंपेंगे और इसका समय निर्धारित करेंगे।
  • वे पंडित जी एक समय पर केवल एक ही पूजा करेंगे।
  • आपके पंडितजी आपका विवरण प्राप्त करेंगे और पूजा के लिए एक संकल्प या उद्देश्य सुनिश्चित करेंगे। यह बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसे आपके उद्देश्य के साथ जोड़ना जरूरी है।
  • पूजा शुरू होने से ठीक पहले, आपको फोन किया जाएगा ताकि आप पंडितजी के साथ आप संकल्प को दोहरा सकें। यह शुरुआत का प्रतीक है। आप गूगल मीट के जरिए भी इस पूजा में लाइव शामिल हो सकते हैं।
  • जब पूजा की जा रही हो, तो आपको अपने घर या मंदिर में एक शांत कोने में बैठने की कोशिश करनी चाहिए
  • पूजा के अंत में, पूजा के दौरान उत्पन्न सकारात्मक ऊर्जा को स्थानांतरित करने के लिए आपके पंडित जी आपको फिर से कॉल करेंगे। इस प्रक्रिया को श्रेय दान या संकल्प पूर्ति के नाम से जाना जाता है।
  • यह पूजा के सम्पन्न होने का प्रतीक है।
  • नहीं, इस प्रक्रिया की खूबी यह है कि पूजा करते समय आपको शारीरिक रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है।
  • इस पूजा करने के लिए हमें आपसे निम्नलिखित की आवश्यकता है: -
  • पूरा नाम
  • गोत्र (अनिवार्य नहीं)
  • राज्य, देश, आदि सहित निवास का वर्तमान शहर।
  • उद्देश्य का कथन - आप पूजा क्यों कर रहे हैं?
  • सामान्य तौर पर यह पूजा करवाने में 5 घंटे लगते हैं। जब आप इस पूजा को करवा रहे हैं, तो इससे अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए आपको मंत्र शनि और चंद्रमा से जुड़े मंत्रों के साथ ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप करने की सलाह दी जाती है।
  • हम आपके लिए पूजा को निम्नलिखित तरीके से निजीकृत करते हैं: -
  • आपकी पूजा करने के लिए एक समर्पित पंडितजी को आवंटित किया जाता है।
  • आप गूगल मीट के जरिए भी इस पूजा में लाइव शामिल हो सकते हैं।
  • आपके द्वारा दिया गया उद्देश्य कथन, उस संकल्प का आधार है जिसे आपके पंडित जी पूजा शुरू होने से पहले आपको सुनाने के लिए कहते हैं। यह फोन कॉल पर किया जाता है।
  • पूजा की समाप्ति पर, आपको प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न आध्यात्मिक ऊर्जा को इकट्ठा करने के लिए एक और फोन आता है । इसे श्रेय दान या संकल्प पूर्ति के नाम से जाना जाता है।
  • शनि चंद्र विष योग पूजा एक बड़ी ही शक्तिशाली प्रक्रिया होती है और यह बड़ी मात्रा में सकारात्मक ऊर्जा को पैदा करती है। आपका संकल्प कितना दृढ़ है और आपका उद्देश्य कितना पवित्र है, यह इस पर पूरी तरह से निर्भर करता है। जब शनि चंद्र विष योग पूजा पूरे समर्पण और सच्ची श्रद्धा के साथ की जाती है, तो आप 2 से 3 माह के अंदर परिणाम की उम्मीद कर सकते हैं।
  • हां यह पूजा मुख्य रूप से निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए नियमित रूप से की जा सकती है: -
  • यदि "संकल्प" या उद्देश्य का कथन बहुत बड़ा है, तो केवल एक पूजा आपके रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए पर्याप्त आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान नहीं कर सकती है। वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए आपको मासिक आधार पर पूजा दोहरानी पड़ सकती है।
  • यदि ग्रहों की युति के नकारात्मक प्रभाव बहुत अधिक हों, तो आध्यात्मिक ऊर्जा की आवश्यकता अधिक होती है और उस स्थिति में भी पूजा की जा सकती है ।
  • यदि आपके पास जन्म से काफी बड़ा "दोष" या नकारात्मक प्रभाव है, तो वार्षिक आधार पर की जाने वाली यह पूजा आपके लिए अद्भुत काम कर सकती है।
  • सामान्यतया, रत्न और रुद्राक्ष का एक आजीवन उद्देश्य होता है। जब वे पहने जाते हैं तो वे किसी विशेष ग्रह की शक्ति को बढ़ाते हैं। ग्रह की ऊर्जा को सही दिशा में पुनर्निर्देशित करने और वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए एक विशेष उद्देश्य के साथ पूजा की जाती है। रत्न या रुद्राक्ष धारण करने और पूजा करने का संयोजन बहुत शक्तिशाली है, खासकर जब आप एक बड़ा लक्ष्य प्राप्त करना चाहते हैं या प्रतिकूल ग्रहों के संयोजन के नकारात्मक प्रभावों से बचना चाहते हैं।
  • हां, यह आपके परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों, दोस्तों, परिचितों, संक्षेप में कहें सभी की मदद कर सकता है। हालांकि, यह सलाह दी जाती है कि अनुभवी ज्योतिषियों द्वारा अपनी कुंडली का विश्लेषण जरूर कराएं, ताकि यह जांचा जा सकें कि विशेष ग्रह शांति पूजा आपके लिए आवश्यक है या नहीं।
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